ऑनलाइन बैंकिंग ऐप का UPI PIN बदलकर करते थे फ्रॉड, कटनी पुलिस ने साइबर गिरोह का किया पर्दाफाश; तीन आरोपी गिरफ्तार
कटनी पुलिस ने मोबाइल चोरी और UPI PIN बदलकर बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले कथित अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। तीन आरोपी गिरफ्तार, 14 मोबाइल चोरी का खुलासा।
कटनी। कटनी पुलिस ने मोबाइल चोरी और ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड करने वाले एक कथित अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी भीड़भाड़ वाले बाजारों से ऐसे मोबाइल फोन चोरी करते थे, जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था या जिन्हें आसानी से अनलॉक किया जा सकता था। इसके बाद मोबाइल में मौजूद सिम और वित्तीय ऐप्स का इस्तेमाल कर पीड़ित के UPI PIN को बदलकर बैंक खातों से रकम ट्रांसफर कर लेते थे।
मामले का खुलासा सोमवार को कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने किया। पुलिस के मुताबिक इस मामले की शिकायत शंकरलाल महतो ने थाना बाकल में दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार उनका मोबाइल बाकल बाजार से गुम हो गया था। इसके बाद 29 जून, 30 जून और 1 जुलाई 2026 के दौरान उनके बचत खाते और KCC खाते से कुल 2 लाख 10 हजार रुपये की अवैध निकासी की गई।
शिकायत मिलने के बाद बाकल पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष साइबर टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और CDR (Call Detail Record) का विश्लेषण किया। जांच के दौरान पुलिस को गिरोह के तार मध्य प्रदेश के अलावा झारखंड और पश्चिम बंगाल से जुड़े होने की जानकारी मिली।
झिंझरी क्षेत्र से तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार 15 अगस्त 2026 को सूचना मिली कि तीन संदिग्ध व्यक्ति झिंझरी क्षेत्र में किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों संदिग्धों को हिरासत में लिया। उन्हें बाकल थाने लाकर पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने शंकरलाल महतो का मोबाइल चोरी करने और उसके बैंक खाते से रकम निकालने की बात स्वीकार की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तिवारी महतो (35), उज्जवल कुमार उर्फ डिस्को महतो (39) और रोनू महतो के रूप में हुई है। तीनों साहिबगंज, झारखंड के निवासी बताए गए हैं।
जबलपुर में रहकर बाजारों को बनाते थे निशाना
पुलिस के मुताबिक आरोपी पिछले करीब एक साल से जबलपुर के दीनदयाल चौक के पास किराए के मकान में रह रहे थे। वे बाकल, सिहोरा, कटनी और जबलपुर सहित अलग-अलग स्थानीय बाजारों में मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अब तक 14 मोबाइल फोन चोरी करने की बात कबूल की है।
पूछताछ में सिहोरा, गढ़ा, लॉर्डगंज, बहोरीबंद और बाकल के अलावा उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भी चोरी की वारदातों का उल्लेख सामने आया है। पुलिस को गिरोह के एक अन्य सदस्य करीम शेख उर्फ साजन, निवासी मालदा, पश्चिम बंगाल के बारे में भी जानकारी मिली है। पुलिस फिलहाल उसकी तलाश कर रही है।
ऐसे करते थे साइबर फ्रॉड
पुलिस के अनुसार गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी पहले ऐसे मोबाइल फोन तलाशते थे, जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था या जिन्हें आसानी से खोला जा सकता था। मोबाइल चोरी करने के बाद उसमें लगी सिम को सक्रिय रखते हुए वित्तीय और ऑनलाइन बैंकिंग ऐप्स का इस्तेमाल किया जाता था।
इसके बाद आरोपी संबंधित बैंकिंग ऐप में UPI PIN बदलकर खाते से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देते थे। रकम निकालने के बाद चोरी किए गए मोबाइल फोन को कथित तौर पर मालदा में मौजूद करीम शेख तक पहुंचाया जाता था और ठगी से प्राप्त रकम को आपस में बांट लिया जाता था।
कटनी पुलिस अब आरोपियों से जब्त सामान, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और तकनीकी जांच से गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों और सदस्यों के बारे में भी जानकारी सामने आ सकती है।