इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर भारी वाहनों का जाम, एक ही रास्ते से हो रहा दोनों दिशाओं में आवागमन
बुरहानपुर के इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाईवे पर भारी वाहनों के कारण जाम की स्थिति बनी हुई है। सड़क मरम्मत के चलते एक ही रास्ते से दोनों दिशाओं में आवागमन होने से लोगों को परेशानी हो रही है।
बुरहानपुर। इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाईवे पर इन दिनों भारी वाहनों के लगातार आवागमन के चलते ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सड़क पर एक ही मार्ग से दोनों दिशाओं में भारी वाहनों के गुजरने के कारण आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। वाहनों की लंबी कतारों के चलते राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, हाईवे के कुछ हिस्सों में सड़क की खराब स्थिति और चल रहे मरम्मत कार्य के कारण मार्ग संकरा हो गया है। ऐसे में दोनों दिशाओं से आने वाले भारी वाहनों के एक ही रास्ते से गुजरने के कारण यातायात का दबाव बढ़ जाता है। कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और वाहन चालकों को काफी देर तक जाम में फंसे रहना पड़ता है।
शाम के समय बढ़ जाती है परेशानी
स्थानीय लोगों के मुताबिक शाम के व्यस्त समय में हाईवे पर जाम की समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। भारी वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ छोटे वाहन और यात्री वाहन भी जाम में फंस जाते हैं। इससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है। कई बार कुछ दूरी तय करने में भी काफी समय लग जाता है।
रविवार शाम करीब 4 बजे भी हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। लोगों ने सड़क की स्थिति और यातायात व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन तथा संबंधित विभाग से तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
मरम्मत कार्य के कारण संकरा हुआ मार्ग
हाईवे पर सड़क मरम्मत और निर्माण कार्य के चलते कुछ स्थानों पर आवागमन के लिए सीमित जगह बची है। इसी वजह से भारी वाहनों को निकालने में परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक सड़क का काम पूरा नहीं होता, तब तक यातायात को व्यवस्थित करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था या ट्रैफिक प्रबंधन किया जाना जरूरी है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जाम वाले स्थानों पर यातायात व्यवस्था संभालने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएं। साथ ही सड़क मरम्मत कार्य को जल्द पूरा कराया जाए, ताकि इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर आवागमन सामान्य हो सके।
स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क निर्माण कार्य को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था करे, जिससे दोनों दिशाओं के वाहनों को सुरक्षित और सुचारू रूप से निकाला जा सके।