आज मध्यप्रदेश के धार पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने जन-निजी भागीदारी आधारित चिकित्सा महाविद्यालय, धार का विधिवत भूमिपूजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम पीजी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित हुआ, जहां अतिथियों ने मेडिकल कॉलेज को धार जिले के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम बताया। भूमिपूजन के बाद अतिथियों ने आमजन को संबोधित किया और कार्यक्रम स्थल से रवाना हुए।
भाषण के अंश मुख्य अतिथि- जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री
लंबे समय से स्वास्थ्य का मतलब होता था पहले बीमार पड़ो फिर इलाज करा यानी हमारे पास व्यवस्था बीमार के इलाज करने की थी लेकिन व्यक्ति बीमार न पड़े इसके बारे में हमारे यहाँ विचार नहीं था नरेंद्र मोदी जी हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री जी ने दो हजार सत्रह में स्वास्थ्य की नीति को पूरी तरीके से बदल डाला और बदलने में क्या किया कि उपचार के पहले स्वस्थ जीवन हो प्रिवेंटिव हो प्रोमोटिव हेल्थ केयर हो तब जाकर के क्यूरेटिव होना चाहिए इसलिए प्रिवेंशन की बात को पहले जोड़ा गया होलिस्टिक मेडिसिन को जोड़ा गया जब हम होलिस्टिक मेडिसिन की बात बोलते हैं तो आखिर ये कैसे हो सकता है इसको करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में आज देश में इक्यासी हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर बने हैं और इन एक लाख इक्यासी हजार आयुष्मान आरोग्य मंदिर में हम हरेक बच्चे की माता की जिस दिन वो गर्भवती होती है उस दिन से लेकर जब तक बच्चा पैदा नहीं होता है और बच्चा पैदा होने के बाद सोलह साल तक उसको सत्ताईस किस्म के जो इंजेक्शन लगते हैं
उसकी सारी देख रेख की जिम्मेवारी अब भारत सरकार की है और उसको हम पूरा कर रहे हैं ये हमको ध्यान में रखना हम लोगों ने एक यूएन पोर्टल चलाया है यूबिन पोर्टल इस ह्यूमन पोर्टल में पाँच करोड़ माताएं ढाई करोड़ माताएं और ढाई करोड़ बच्चे उस यूबिन पोर्टल में होते हैं जिनकी हम ट्रैकिंग करते हैं और अगर किसी बच्चे को एक महीने भी वैक्सीनेशन में टीकाकरण में देरी हो जाए तो उसकी माता को आंगनबाड़ी वर्कर को आशा वर्कर को और उसके ऑफिसर को सूचना दी जाती है कि बच्चा बिना टीकाकरण के है उसका इलाज शुरू करो और उसको टीकाकरण करो ये सुविधा आज भारत सरकार दे रही है ये मैं आपको क्यों बता रहा हूँ मैं इसलिए बता रहा हूँ कि हमने कोशिश की है कि हम बीमार पड़ने से लोगों को रोकें आज इस बात की कोशिश है कि हर माता का कम से कम एंटीनेटल चेकअप पाँच बार होना चाहिए और हाई रिस्क पेशेंट्स का आठ बार होना चाहिए जिसमें से तीन बार स्पेशलिस्टों के द्वारा होना चाहिए ये मैं इसलिए आपको समझाने की कोशिश कर रहा हूँ कि भारत सरकार आपके द्वार पर आकर के जच्चा बच्चा के इलाज के लिए और स्वस्थ बच्चे के लिए कितना परिवर्तन करके आज खड़ी है इसको हमको समझ लेना चाहिए इसको हमको जान लेना चाहिए भाई ये भी आपको बताना चाहता हूँ क्या आज हमारी इन्स्टिट्यूशन में डिलीवरी नवासी प्रतिशत पहुँच चुकी है इन नवासी प्रतिशत हम कोशिश कर रहे हैं कि आशा वर्कर हर माता को डिलिवरी के लिए इन्स्टिट्यूशन में ले करके आए और वहाँ उसका डिलिवरी हो और इसके चलते बच्चों के मरने की संख्या में बहुत बड़ी गिरावट आई है
बहुत बड़ी गिरावट आई है इसको हमको समझना चाहिए माताओं की मॉर्टेलिटी में मरने के डर में बहुत बड़ी गिरावट आई है और मैं अब ये फख्र के साथ कह सकता हूँ कि दुनिया में मेटरनल मॉर्टेलिटी रेशियो से कहीं ज्यादा डिक्लाइन भारत में आई है इसको हमको समझ लेना चाहिए आज हम उसके लीडर बन गए हैं मैं आपके सामने ये आंकड़े रखना चाहता हूँ आज हाइपरटेंशन यानी ब्लड प्रेशर के लिए आज चार करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग हो गई है चार करोड़ लोगों की आज हमारे हाइपरटेंशन के पेशेंट्स अड़सठ लाख डिटेक्ट हुए चार करोड़ में से अड़सठ लाख डिटेक्ट हुए यानी अड़सठ लाख लोगों का इलाज शुरू हो गया और ये इसको बोलते हैं प्रिवेंशन उसी तरीके से डायबिटीज़ के लिए आज चार करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग हो गई है और उसमें से छियालीस लाख लोगों को डायबिटीज़ पाई गई है और उनका इलाज तीस वर्ष की उम्र में शुरू हो गया है ये बदलता भारत है जिसको हमको समझना चाहिए नहीं तो सात साल तक हमको पता ही नहीं चलता था कि हम ब्लड प्रेशर के मरीज हैं हमको पता ही नहीं चलता था कि हम डायबिटीज़ के मरीज हैं आज हम तीस साल की उम्र में ये आंकड़े आपके सामने रख रहा हूँ हमारे कैंसर के पेशेंट की बात करूँ तो चौंतीस करोड़ लोगों का मुँह के कैंसर का स्क्रीनिंग हो गई है और उसमें से दो लाख लोग कैंसर के पीड़ित पाए गए हैं और अब हमारा दावा है कि किसी को कैंसर हो तो जिस दिन डिटेक्ट होता है उसके नब्बे दिन के अंदर उसका इलाज शुरू हो जाता है
ये हमारी व्यवस्था है इसको हम आपके सामने रखना चाहते उसी तरीके से महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर होता है आज आठ करोड़ पचास लाख लोगों का स्क्रीनिंग हुआ है बहनों का जिसमें से नब्बे हजार को डायग्नोज़ करके उनका इलाज शुरू कर दिया गया वक्ष का कैंसर लगभग पंद्रह करोड़ पचास लाख की स्क्रीनिंग हुई है और पचहत्तर हजार बहनों को डायग्नोज़ करके उनका भी इलाज शुरू कर दिया गया है ये हमारा काम करने का तरीका है ट्यूबरकुलोसिस में मोदी जी के नेतृत्व में आज भारत में ट्यूबरकुलोसिस की कमी लगभग इक्कीस प्रतिशत हो गई है और दुनिया की कमी सिर्फ बारह प्रतिशत पर खड़ी है यानी हम दुनिया में भी ट्यूबरकुलोसिस को कंट्रोल करने में आगे बढ़े हैं इस बात को भी हमको समझना चाहिए मैं ये आंकड़े आपके सामने इसलिए रख रहा हूँ क्योंकि स्वास्थ्य विभाग को अगर समझना हो तो इन सारी चीजों को हमको गहराई से समझने की आवश्यकता होगी और उसके माध्यम से ही हम आगे बढ़ सकते है।