बुरहानपुर। बोतल नहीं ,मां का दूध है ,शिशु के स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव ! (डॉक्टर अमोल पवार)* विश्व स्तनपान सप्ताह 2026 के अंतर्गत छठवें दिन आज दिनांक 06.08.2026 को जिला चिकित्सालय बुरहानपुर के PICU एवं चाइल्ड वार्ड में स्तनपान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन श्रीमान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं श्रीमान सिविल सर्जन सह अधीक्षक, जिला चिकित्सालय बुरहानपुर के मार्गदर्शन में किया गया। यह कार्यक्रम CCP, FCC एवं PMH के अंतर्गत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्तनपान को प्राथमिकता देते हुए उसके महत्व एवं आवश्यकता के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना, स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों एवं अंधविश्वासों को दूर करना तथा परिवार, समाज एवं स्वास्थ्य सेवाओं की सहयोगात्मक भूमिका को सशक्त बनाना था, ताकि प्रत्येक माता अपने शिशु को आत्मविश्वास के साथ समय पर एवं सही तरीके से स्तनपान करा सके।
कार्यक्रम में माताओं एवं परिजनों को सही स्तनपान तकनीक, बच्चे को उचित स्थिति में दूध पिलाने की विधि, जन्म के पहले छह माह तक केवल माँ का दूध देने तथा छह माह के बाद उपयुक्त ऊपरी पूरक आहार के साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखने की जानकारी दी गई।
चाइल्ड वार्ड प्रभारी डॉ. अमोल पवार ने बताया कि बोतल से दूध पिलाने पर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जिससे बच्चे बार-बार बीमार पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि माँ का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम, सुरक्षित एवं संपूर्ण आहार है, जो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ स्वस्थ शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम में डॉ. अमोल पवार, श्रीमती कृष्णा चौहान(मेट्रन), चाइल्ड वार्ड इंचार्ज श्रीमती छाया रावत, कार्यक्रम समन्वयक श्रीमती सीमा डेविड, एम.एच. कोऑर्डिनेटर ज्योति नागले, PICU इंचार्ज श्रीमती प्रेमवती उइके ,श्रीमती प्रमिला जाधव, ग्यारसी लाल, श्रीमती पूजा बंसोढ, कु .अपूर्वा SNCU, ANC ओपीडी की नर्सिंग ऑफिसर कुमारी सोनाली कांबले सहित नर्सिंग एवं सहयोगी स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में 0 से 2 वर्ष तक के बच्चों की माताओं एवं परिजनों ने सहभागिता की। *इस अवसर पर सभी को स्तनपान को प्रत्येक शिशु का पहला अधिकार एवं स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव बताते हुए इसे जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया गया।*
कार्यक्रम का उद्देश्य स्तनपान को प्राथमिकता देते हुए उसके महत्व एवं आवश्यकता के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना, स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों एवं अंधविश्वासों को दूर करना तथा परिवार, समाज एवं स्वास्थ्य सेवाओं की सहयोगात्मक भूमिका को सशक्त बनाना था, ताकि प्रत्येक माता अपने शिशु को आत्मविश्वास के साथ समय पर एवं सही तरीके से स्तनपान करा सके।
कार्यक्रम में माताओं एवं परिजनों को सही स्तनपान तकनीक, बच्चे को उचित स्थिति में दूध पिलाने की विधि, जन्म के पहले छह माह तक केवल माँ का दूध देने तथा छह माह के बाद उपयुक्त ऊपरी पूरक आहार के साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखने की जानकारी दी गई।
चाइल्ड वार्ड प्रभारी डॉ. अमोल पवार ने बताया कि बोतल से दूध पिलाने पर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जिससे बच्चे बार-बार बीमार पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि माँ का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम, सुरक्षित एवं संपूर्ण आहार है, जो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ स्वस्थ शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम में डॉ. अमोल पवार, श्रीमती कृष्णा चौहान(मेट्रन), चाइल्ड वार्ड इंचार्ज श्रीमती छाया रावत, कार्यक्रम समन्वयक श्रीमती सीमा डेविड, एम.एच. कोऑर्डिनेटर ज्योति नागले, PICU इंचार्ज श्रीमती प्रेमवती उइके ,श्रीमती प्रमिला जाधव, ग्यारसी लाल, श्रीमती पूजा बंसोढ, कु .अपूर्वा SNCU, ANC ओपीडी की नर्सिंग ऑफिसर कुमारी सोनाली कांबले सहित नर्सिंग एवं सहयोगी स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में 0 से 2 वर्ष तक के बच्चों की माताओं एवं परिजनों ने सहभागिता की। *इस अवसर पर सभी को स्तनपान को प्रत्येक शिशु का पहला अधिकार एवं स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव बताते हुए इसे जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया गया।*