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हीट स्ट्रोक क्लीनिक भीषण गर्मी पीड़ित मरीजों का होगा उपचार

2026-08-19  ZAFAR ALI  2 views
गर्मी से बचाव के लिए जिला अस्पताल सहित सभी सी एच सी स्तर पर बनाए गए ओ आर एस कॉर्नर गर्मी से बचाव हेतु आम जन के लिए जारी की गई एडवाइजरी गत दिवस आयोजित हुई कलेक्टर कांफ्रेंस में इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने कलेक्टर्स को जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक क्लीनिक शुरू करने के निर्देश दिए थे,इसके पालन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला अस्पताल सहित ,शाहपुर,खकनार,नेपानगर और लालबाग में हीट स्ट्रोक क्लीनिक प्रारंभ किया गया है,जिसमें ओ आर एस कॉर्नर,कुलर पंखे और बेड आरक्षित किए गए है यदि कोई मरीज लू ताप घात से पीड़ित हो जाता है तो 108 एंबुलेंस की भी निशुल्क व्यवस्था रहेगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर आर के वर्मा ने बताया कि जिले में बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। भीषण गर्मी और संभावित लू के प्रभाव से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए विभाग द्वारा विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। यह अभियान National Programme on Climate Change and Human Health के तहत चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बदलते मौसम के प्रभाव से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति आमजन को जागरूक करना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्ष 2026 के गर्मी के मौसम में संभावित स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। विभाग के अनुसार अत्यधिक तापमान के कारण लू (हीट स्ट्रोक), डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द, बुखार, थकान और त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा लंबे समय तक धूप में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में अनावश्यक रूप से तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में जाने से परहेज करना चाहिए। इसके साथ ही अधिक मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। गर्मी से राहत पाने के लिए नींबू पानी, छाछ, लस्सी और ओआरएस जैसे पेय पदार्थों का सेवन लाभदायक बताया गया है। विभाग ने यह भी सुझाव दिया है कि लोग हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय सिर को टोपी, गमछा या कपड़े से ढककर रखें ताकि सीधे धूप का प्रभाव कम हो सके। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि ये वर्ग गर्मी के प्रभाव के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को अत्यधिक पसीना आना, तेज बुखार, चक्कर आना, उल्टी, बेहोशी या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। ऐसी स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर ले जाकर आराम कराया जाए। उसे पानी या ओआरएस पिलाया जाए और जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर उपचार कराया जाए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर आर के वर्मा ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में लापरवाही से बचें और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यक दवाइयों और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराया जा सके। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह जागरूकता अभियान लोगों को गर्मी से होने वाले खतरों के प्रति सचेत करने के साथ-साथ सुरक्षित रहने के उपायों के बारे में भी जानकारी दे रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि समय रहते सावधानी बरतकर लोग भीषण गर्मी और लू के प्रभाव से खुद को सुरक्षित रख सके।

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