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बाल विवाह सामाजिक अपराध है, अक्षय तृतीया पर्व पर निर्देशित टीम द्वारा बाल विवाह समझाईश देकर रूकवाया

2026-08-19  ZAFAR ALI  2 views
बुरहानपुर। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशानुसार एवं माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बुरहानपुर श्रीमती विधि सक्सेना एवं श्री प्रेमदीप सांकला, व्यवहार न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभागके संयुक्त तत्वावधान में जिला व तहसील स्तर पर 02 अलग अलग टीमो का गठन किया गया । remote-1c0078ff-64fd-48d1-8ec9-20ba040d7d8a.jpgएक टीम द्वारा खकनार क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आयोजित विवाह समारोह का निरीक्षण किया गया जिसमें सुश्री अनुपमा मुजाल्दे, जिला विधिक सहायता अधिकारी, पैरालीगल वाॅलेन्टियर्स श्री महेन्द्र जैन, डाॅ. फौजिया सोडावाला, डाॅ. किरणसिंह, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सुश्री विजयासिंह चैहान, समिति के सदस्य श्री मोहन पंवार, मेघा भीड़े, सीमा आसीम पाटील, प्रभारी परियोजना अधिकारी श्रीमती मंदा मोरे के साथ-साथ क्षेत्र की सुपरवाईजर व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं पुलिस विभाग से एक महिला एवं पुरूष आरक्षक उपस्थित रहे। उक्त दस्ते द्वारा एक स्थल पर पंचनामा बनाकर समझाईस देकर बाल विवाह रूकवाया गया। इस अवसर पर खकनार क्षेत्र में बाल विवाह के संबंध में शपथ भी दिलवाई गई। द्वितीय टीम द्वारा नेपानगर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आयोजित विवाह समारोह का निरीक्षण किया गया। जिसमें पैरालीगल वाॅलेन्टियर्स श्री लखनलाल लौवंशी, श्री शहजाद अली, श्री पुरूषोत्तम वानखेड़, श्री सुनील शिंदे, पुलिस विभाग से एक पुरूष व एक महिला आरक्षक उपस्थित रहेे। बाल विवाह कानूनन अपराध है। यह प्रथा बच्चों के मानवाधिकारों का उल्लंघन करती है। इस प्रथा से बच्चों के शिक्षा और स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान होता है। लड़की की उम्र 18 वर्ष व लड़के की उम्र 21 से कम होने पर शादी करना बाल विवाह माना जाता है। सलग्न उक्त अवसर के छायाचित्र l

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