सिवनी के पेंच टाइगर रिज़र्व से राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व तक एक बाघिन का सफल और सुरक्षित स्थानांतरण किया गया है। करीब तीन साल की बाघिन पीएन-224 को भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर के ज़रिए सैकड़ों किलोमीटर दूर राजस्थान पहुंचाया गया। इस पूरे अभियान की तैयारी एक महीने से ज्यादा समय से चल रही थी, जहां बाघिन की हर गतिविधि पर एआई कैमरा ट्रैप और मोशन सेंसर से नजर रखी जा रही थी। इसके लिये इलाके में करीब 50 हाईटेक कैमरे लगाए गए थे। पेंच टाइगर रिजर्व और राजस्थान वन विभाग के बीच बेहतर अंतर-राज्यीय समन्वय,
वन्यजीव विशेषज्ञों की निगरानी और वैज्ञानिक तरीकों से यह ट्रांसलोकेशन मिशन पूरा किया गया। इस ऑपरेशन में वन अधिकारी, वन्यजीव चिकित्सक,फील्ड बायोलॉजिस्ट और मैदानी अमले ने दिन-रात मेहनत की।
यह स्थानांतरण सिर्फ एक बाघिन का नहीं,बल्कि देश में बाघ संरक्षण,आनुवंशिक विविधता और वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबंधन की दिशा में एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
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